नकल करने के लिए भी अक्ल चाहिए.

एक आदमी की तीन लड़कियां थी. जब वह विवाह योग्य हो गईं तो उनके पिता को उनके विवाह की चिंता हुई. बहुत खोज बीन के बाद उसने अपनी बड़ी लड़की का विवाह एक बाघ से करा दिया और वह सुख से रहने लगी. कुछ समय बाद उसने अपनी दूसरी लड़की का विवाह भालू से करा दिया तथा तीसरी लड़की के लिए योग्य वर की तलाश प्रारंभ कर दी. उसने तीसरी लड़की का विवाह गरुड़ से करा दिया.

कुछ समय बाद उस आदमी की पत्नी ने कहासुन्रते हो जी अपनी लड़कियों का हाल समाचार जानने के लिए लड़कियों के ससुराल क्यों नहीं जाते. आदमी ने कहाभागवान तुम ठीक कहती हो. मैं कल ही उनके हाल समाचार जानने के लिए उनके घर जाता हूँ. वह सबसे पहले सबसे बड़ी लडकी के ससुराल गया. उसके आगमन पर बाघ बहुत प्रसन्न हुआ. बाघ ने अपने स्वसुर की खूब खातिरदारी की. शाम को बाघ ने अपने स्वसुर से कहा चलिए एक बकरी का शिकार कर के लाते हैं फिर उसका मीट चाव से खायेंगे. वह शिकार करने चल दिए. उसने अपने स्वसुर से कहा कि सामने वाले मकान से मैं एक बकरी बाहर को फैकुंगा, आप उसे घसीट कर कुछ दूर सिसूड़े के भूड़ मैं डाल देना. बाघ ने बकरी का शिकार किया और स्वसुर जी कि तरफ बकरी को फैंक दिया. बाघ अपने स्वसुर के साथ बकरी को घर ले आया और सबने बकरी का शिकार पका कर खाया.

घर लौट कर आदमी ने अपने घरवाली को बताया कि बाघ ने उसकी बड़ी खातिरदारी की. उसे हलवा, पूरी और बकरी का शिकार भी खिलाया.

उसने अपनी पत्नी से कहा की हम भी ऐसा ही करते हैं. वह अपनी पत्नी को लेकर एक मकान के पास गया. वहां मकान मैं बकरी घोड़े बंधे हुवे थे. इत्तफाक से वह घोड़े वाले गोठ मैं चला गया और बाघ की ही तरह एक घोड़े को बाहर फैंकने लगा. परन्तु घोड़े ने अपनी लातों से उसकी खूब मरमत कर डाली और वह वहां से अपनी मरमत करा हाथ पैर तुड़वा कर वह घर वापस लौटा.

कुछ दिन बाद उसे दूसरी लड़की की याद आई. वह भालू के घर गया. भालू ने उसकी खातिर करने की सोची. उसने अपनी पत्नी से कहा की वह कड़ाई गरम करे. जब कड़ाई गरम हो गई, तो भालू उसमे बैठ गया. भालू के कड़ाई मैं बैठने से उसकी चर्बी गलने लगी. जब काफी चर्बी गल गई तो वह कड़ाई से उठ गया. औरत ने चर्बी से घी तेल बनाया और लजीज पकवान अपने पिता को परोसे. ख़ुशी ख़ुशी अपने घर वापस लौटा और उसने अपनी पत्नी को बताया की उसकी दूसरी लड़की भी ससुराल मैं प्रसन्न है.

उसने अपनी पत्नी से कहा की वह भी भालू की तरफ अपनी चर्बी पिघलाएगा और वह दोनों मिलकर पकवान खाएँगे. पत्नी ने एक कड़ाई को गरम किया. आदमी उसमे बैठ गया. बैठते ही उसने चिल्लाना शुरू कर दिया. औरत ने बड़ी मुस्किल से उसे कड़ाई से बाहर निकाला. उसके भेल अच्छी तरह सिक गए थे. कई दिन के इलाज के बाद जब वह ठीक हुआ तो उसे अपनी छोटी लड़की की याद गई. वह गरुड़ के घर गया. गरुड़ ने स्वसुर से कहा की वह उन्हें दुनिया की सैर कराएगा. आदमी गरुड़ के एक पंख मैं बै गया. गरुड़ ने उसे दुनिया की सैर कराई तथा खूब खातिर की.

घर लौट कर उसने अपनी पत्नी को सारी बात बताई. उसने कहा चलो मैं तुम्हें भी दुनिया की सैर कराता हूँ. वह दो सूपे लाया उसने दोनों बाहोँ पर सुपे बाँध दिए. दोनों पति पत्नी एक पहाड़ी के उपर गए. उसने पत्नी से सूप मैं बै जाने को कहा. पत्नी सूप मैं बै गई. उसने पहाड़ी से एक छलाँग लगाईं . होना क्या था. दोनों पहाड़ी से नीचे गिर पड़े. उनको काफी चोट आई. दोनों किसी तरह घर वापस आये और दोनों ने तौबा की की वह अब किसी की नकल नहीं करेंगे.

Leave a Reply

 

 

 

You can use these HTML tags

<a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong>