एक काला (बहरा) अपने पड़ोसी का कुशल छेम पूछने जाता है. वह बिलकुल भी सुन नहीं सकता था. अतः मन ही मन मैं सोचता है कि बीमार के पास जाकर क्या कहूंगा. सबसे पहले मैं आवाज लगाऊंगा. बीमार कहेगा बैठो तो मैं कहूँगा तबियत खराब हो रही है. वह बीमारी के बारे मैं बताएगा. मैं कहूंगा दवाई पानी खाओ ठीक हो जाओगे मैं पूछूँगा किस डाक्टर का इलाज चल रहा है. वह डॉक्टर का नाम बताएगा मैं कहूंगा डॉक्टर तो अच्छा है जल्दी ठीक हो जाओगे. क्या खुराक बताई है. वह कोई अच्छी चीज़ बताएगा यही सोचते सोचते काला डॉक्टर के पास पहुँच जाता है.
Bed ridden Man
काला बाहर से आवाज लगाता है- शेरुआ ओ शेरुआ कस छै.
बीमार चिढ़ कर दूसरी तरफ मुहं फेर लेता है. सोचता है की काला दिमाग खायेगा.
काला कमरे के अंदर पहुंचता है और कहता है -काँ छै रे सेरुआ.
बीमार कहता है -बाज़ार मैं सिनेमा देख रहा हूँ. तू भाग यहाँ से.
काला पूछता है- ठीक छू ठीक छू. फिर काला पूछता है – बीमारी के छू .
बीमार कहता है-मरनी बीमारी छू. (मरने की बिमारी है)
काला-कोई बात नहीं ठीक हो जाओगे. काला- को डॉक्टरक इलाज चल रौ.
बीमार – यमराजक इलाज चल रौ
काला – भल डॉक्टर छू (अच्छा डॉक्टर है) मोहिनी की इजा का इलाज भी उसी ने किया था. खान खुराक के बते रै.
बीमार-माट ढुंग खा नयूँ. (मिटटी पत्थर खा रहा हूँ)
काला- ठीक छू भली दूकान बटी लाया
बीमार और चिड़ जाता है. और कहता है दो चार दिन का मेहमान हूँ जल्दी मर जाऊँगा.
काला कहता है भल भै भल भै ( अच्छा है अच्छा है)
