एक भैंस और घोड़े मैं मित्रता थी दोनों साथ साथ घास चरते थे. अचानक उनकी मित्रता शत्रुता मैं बदल गई. भैंस ने घोड़े को सींगों से मार मार कर अधमरा कर दिया. अतः घोड़ा मदद के लिए आदमी के पास गया आदमी ने कहा कि भैंस बलशाली है, मैं उसे कैसे [Continue reading.....]
एक औरत अपने प्रेमी से मिलने जंगल जाती थी. वह उसके लिए अच्छे अच्छे पकवान बना कर ले जाती थी. उनकी जंगल मैं रोज मुलाकातें होती थी एक दिन उसकी जेठानी को उस पर शक हुवा वह उसका पीछा करने लगी उसने देखा कि [Continue reading.....]
एक काला (बहरा) अपने पड़ोसी का कुशल छेम पूछने जाता है. वह बिलकुल भी सुन नहीं सकता था. अतः मन ही मन मैं सोचता है कि बीमार के पास जाकर क्या कहूंगा. सबसे पहले मैं आवाज लगाऊंगा. बीमार कहेगा बैठो तो मैं कहूँगा तबियत खराब हो रही है. वह बीमारी के बारे मैं बताएगा. मैं [Continue reading.....]
मोहिनी बाज्यू – प्राणप्यारी मोहनी की ईजा! यां की कुशल भली छ्युं कनू, ताँ की कुशल चानू.
द्वि महन आजी रुकुनु , फिर घर हूँ आनू
अर्थात
मोहिनी के पिता का पत्र मोहनी की माता के नाम.
यहाँ की कुशल ठीक है, तहां की कुशल चाहिए .
दो महीने और रुकना पड़ रहा है, फिर घर आता हूँ.
मोहिनी की [Continue reading.....]
लोकोक्तियाँ
जतुक छ्वट छु, उतुक ख्व्वट.
अर्थात
जितना छोटा है उतना ही खोटा है.
जैक लट् वीके भैंस
अर्थात
ताकतवर की ही चलती है.
लोकोक्तियाँ
बार बरसम बाघ ब्यैरौ,
अर्थात
लम्बे इंतज़ार के बाद फल मिलना
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लग्नै बखत ह्गन
अर्थात
कार्य के बीच रुकावट
लोकोक्ति
नेऊ थै सल्ला नै, ख्व्वर भीजै बैठी
अर्थात
बिना सलाह के कार्य करना
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अती जूँ चिले नै
अर्थात
अधिक परेशानियाँ आने पर उदासीनता आना
तौ म्यार आंखन पिणानौ
अर्थात
आंखों मै खटकना
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बिराउक जस पोथ सारन रओ
आर्थात
बार-बार जगह बदलना
एक आदमी अपनी ससुराल गया. ससुराल मैं उसकी खातिर तवाजा हुई उसकी सास ने उसे घी से तरबरान स्पेशल खिचड़ी खिलाई. उसकी सास ने उसे बताया कि खिचड़ी के होते हैं चार यार – दही, मूली, घी, अचार. खिचड़ी खाकर वह तृप्त हुआ. उसने सोचा कि घर जाकर अपनी घरवाली से खिचड़ी बनाने [Continue reading.....]
लोभी बामन, चतुरा नारी.
कुल्हाड़ी क दाम, स्यूड़ मैं तारी
एक गाँव मैं एक ब्राह्मण देवता रहते थे. स्वभाव से वह कुछ लोभी थे. एक बार एक जजमानी ने उन्हे पूजा के लिए बुलवाया. उन्हें पता चला की जजमान तो कहीं बाहर गए हैं. अतः जजमानी से अच्छी दक्षिणा का जुगाड़ तो बन ही जायेगा. परन्तु [Continue reading.....]
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About Me  I am devoted to social life. Apart from this I am a Journalist and am also in State Politics of Uttarakhand. I write in English and Hindi both, in various newspapers. My hobby is reading, writing Blogs in English and Hindi and specially astrology.Please read my blog to know more about me. I also write at MeraPahad Forum
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