कुमाउनी कहावतें-4

कुमाउनी कहावतें-4

१६. जाग जाग कै बेर दगड़ नै, म्यार छू म्यार छू कैबेर आपण नै

१७. सैबाक अगिल भै घोड़ाक पिछल कभी नै जाया

१८. राजाज्यूँ घोड़ मैं बैठल, हमार ल्वाड़म बै ल

१९. हाथी लनै, इन्कै बाड़

२०. बोई घौ, हन्तरक बुज

कुमाउनी कहावतें-3

कुमाउनी कहावतें-3

११. भरी गागर डून् करू, खाली गागर थन्न करुँ

१२. ज्यून बाज्यू कै लात, मरी बाज्यू कै दाल-भात

१३. स्यापक चटकाई, बिच्छी मंतर

१४. मडू फोकियोल, आफी देखियल

१५. हुनी छाँक एक सपैक, निहुणी छाक मथोवा मथोवा

कुमाउनी कहावतें - 2

कुमाउनी कहावतें – 2

६. जातुर गाय नहाणी, हुमन लाग दगाड

७. मैं जै नरूल कय, पौन जै नाराय

८. गया जाया म्यार बोज्यू लै पिंड बाटि आया

९. ओटिल के लाय, टोटिल कै खाय

१०. नाइ हैं सोज करी नै, खौर भीजे बैर भैठ गाय

कुमाउनी कहावतें -१

कुमाउनी कहावतें -१

१. काजै ऊनी, कां जै बरस

२. है गै च्याल, बो दी धान

३. मडूवाक बालाड़ त्योडियोँ, धानाक बालाड़ न्योडियों

४. मा ु म जाओ मरी मरी, सरासर जाओ चडी चडी

५. बांड पाय निगाय चाड

बेडु पाको बारो मासा, ओ नरणी काफल पाको चैता मेरी छैला

बेडु पाको बारो मासा……..

नैनीताल की एक रंगीन शाम. बैण्ड स्टैंड मैं राम सिंह का मिलिटरी ऑर्केस्ट्रा और बेडू पाको की धुन मैं मस्ती करते टूरिस्ट ऐसी होती थी नैनीताल की शाम . बेडू पाको सदाबहार गीत प्रस्तुत है

बेडु पाको बारो मासा, ओ नरणी काफल पाको चैता मेरी छैला
रूना भुना दिन एगो नरण पूजा मेरा मईता [Continue reading.....]

Kumaoni Nath (Large nose ring)

In the culture of Uttarakhand, Nath (large ring worn on left nostril) plays a dominant role. Nath is an import part of the Kumaoni woman’s traditional attire. There is an interesting story of a woman whose Father had demanded a large Nath to solemnize her marriage.

The story goes like this. Once upon a time there [Continue reading.....]

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