एक भैंस और घोड़े मैं मित्रता थी दोनों साथ साथ घास चरते थे. अचानक उनकी मित्रता शत्रुता मैं बदल गई. भैंस ने घोड़े को सींगों से मार मार कर अधमरा कर दिया. अतः घोड़ा मदद के लिए आदमी के पास गया आदमी ने कहा कि भैंस बलशाली है, मैं उसे कैसे हरा सकता हूँ.फिर इससे मुझे क्या फायदा होगा. घोड़े ने समझाया कि भैंस तुम्हें दूध देगी. दूध पीकर तुम ताकतवर बन जाओगे. पर मैं भैंस को कैसे जीतूंगा, आदमी ने पूछा. घोड़े ने कहा कि तुम्हारे लिए यह कठिन कार्य नहीं है. तुम मेरी पीठ पर बैठना और डंडे से भैंस को भी पीटपीट कर अधमरा कर देना. आदमी ने ऐसा ही किया. आदमी ने भैंस को पीट पीट कर रस्सी से बाँध दिया. और उसे एक पेड़ से भी बाँध दिया.
अब घोड़े ने आदमी से जाने की इजाजत मांगी. आदमी हंसने लगा, बोला अब मैं तुम्हारी सवारी करूंगा और भैंस का दूध भी पीऊँगा. आदमी ने कहा मुझे क्या पता था कि तुम सवारी के काम भी आ सकते हो. अब मेरे साथ रहो. आदमी ने उसे भी रस्सी से बाँध दिया.
